9 जनवरी 2011 को दक्षिणी सूडान का आत्मनिर्णय जनमत-संग्रह शुरू हुआ तो जुबा में हजारों लोग मतदान कतारों में लगे। सूडान ट्रिब्यून ने मतदान केंद्र खुलने से पहले लंबी पंक्तियाँ दर्ज कीं। मतपत्र ने पूछा कि क्या दक्षिण को सूडान से अलग होना चाहिए।

यह कोई अकेला चुनाव दिवस नहीं, बल्कि लंबे गृहयुद्ध को समाप्त करने वाले व्यापक शांति समझौते का वार्तित चरण था। मतदाता एक-एक कर पहचान जाँच और मतदान प्रक्रिया से गुज़रे।

कतार का अंत दुकान पर नहीं, देश की सीमा के चुनाव पर था। दक्षिण सूडान बाद में स्वतंत्र हुआ, इसलिए परिणाम को दृश्य पर पीछे से पढ़ना आसान है; पर उस सुबह लोग एक-एक वोट अनिर्णीत भविष्य में डाल रहे थे।