23 अक्टूबर 2011 को क्रांति के बाद ट्यूनीशिया के पहले स्वतंत्र चुनाव में मतदान केंद्र खुलने से पहले ही लंबी कतारें लग गई थीं। ट्यूनिस के कस्बा इलाके के पास कतार में सबसे आगे खड़ी महिला सुबह 5:45 बजे से इंतज़ार कर रही थी। उसने बताया कि वह जीवन में पहली बार मतदान करने जा रही है।

इस कतार की खास बात मतदान केंद्र की सामान्य भीड़ नहीं थी। लंबे समय तक सार्थक मतदान के अधिकार से वंचित रही एक महिला ने लगभग बिना सोए इतनी सुबह पहुंचना चुना, ताकि वह सबसे पहले अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सके। कतार में बिताए कुछ घंटे उस अधिकार के लिए दशकों के इंतज़ार के सामने बहुत कम थे।