अक्टूबर 2005 में लाइबेरिया के मतदाता गृहयुद्ध के बाद देश के पहले राष्ट्रपति चुनाव में कतारों में खड़े हुए। चुनाव पर्यवेक्षण की एक रिपोर्ट और एक तस्वीर के विवरण में दर्ज है कि 11 अक्टूबर को लोगों ने घंटों इंतज़ार किया।
मतपत्र डालने में बस एक पल लगता है, लेकिन उस पल तक पहुँचने में समय लगा। सशस्त्र संघर्ष की जगह नागरिकों के चुनाव को स्थापित करने के उद्देश्य से हुए इस मतदान में कतार वह प्रत्यक्ष क्रम बन गई जिसके ज़रिए नागरिक एक ही सार्वजनिक प्रक्रिया में प्रवेश कर रहे थे।
