17 सितंबर 2014 को फ़िजी में मतदान केंद्र खुलने से एक घंटा पहले ही मतदाता कतारों में लगने लगे थे। ऑस्ट्रेलियाई प्रसारक एबीसी की ज़मीनी रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर कतारें कई सौ मीटर लंबी थीं और राजधानी सुवा के पास वातुवाका पब्लिक स्कूल में सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे। वर्ष 2006 के सैन्य तख़्तापलट के बाद लगभग आठ वर्षों में यह देश का पहला आम चुनाव था।
चुनावों की वापसी केवल संस्थाओं और चुनावी वादों में नहीं, बल्कि स्कूलों के फाटकों पर भी दिखाई दे रही थी, जहाँ मतदाता मतपत्र पाने के लिए इंतज़ार कर रहे थे। एबीसी से बातचीत में मतदाता इरिवी ड्राउंडालो ने वोट डाल पाने की खुशी जताई। इस चुनाव में पूरे देश को एक ही निर्वाचन क्षेत्र मानने की नई व्यवस्था और उम्मीदवारों के नंबर वाली मतपत्र प्रणाली भी लागू हुई। इस तरह एक बड़ा संवैधानिक बदलाव लाखों छोटे-छोटे व्यक्तिगत चरणों के ज़रिए साकार हो रहा था। कोई भी परिणाम घोषित होने से पहले हर व्यक्ति को कतार के आगे तक पहुँचना था। उस सुबह फ़िजी की कतारों की वास्तविक लंबाई ने राष्ट्रीय चुनावों में आठ वर्षों के अंतराल को सबके सामने एक ठोस रूप दे दिया।
