नवंबर 2016 में भारत के पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट अचानक अमान्य होने से बैंकों और एटीएम पर लंबी कतारें लगीं। नए 2,000 और 500 रुपये के नोट अलग आकार के थे, इसलिए लगभग 200,000 एटीएम को अलग-अलग पुनः समायोजित करना पड़ा।

सामान्य स्थिति में दो से तीन सप्ताह लगने थे; करीब 120,000 मशीनें, यानी 60%, चल रही थीं। गोपनीय मौद्रिक निर्णय मशीनों की भौतिक बनावट से टकराया और राष्ट्रीय बदलाव की गति हर एटीएम को ढालने की गति पर आ गई।