2026 में हैती के डेल्मास में टैंकर आने से पहले कतार शुरू होती थी। यूनिसेफ ने दर्ज किया कि कोई सुबह 5 बजे से इंतज़ार कर मोहल्ले को ट्रक आने पर बताता था। लगातार खड़ा होना जरूरी नहीं; एक बाल्टी जगह रखती थी। वितरण पर लोग चार, पाँच या छह बर्तन लेकर लौटते थे।

DINEPA और यूनिसेफ विस्थापित परिवारों व मेजबान समुदायों को पानी देते थे। मई से अगस्त रोज़ 77,000 लीटर से अधिक पेय और 264,000 लीटर आवश्यक पानी पहुँचा। जाँ-गेर्सों के परिवार को एक संग्रह पाँच-छह दिन चलता था।

बाल्टी ने शारीरिक कतार घटाई, टैंकर पर नज़र और भोर से पहले स्थान नहीं। सशस्त्र हिंसा के विस्थापन को प्रेरक कथा न बनाएँ। पानी से पहले पात्र ने परिवार का क्रम और समय उठाया।