15 अक्टूबर 2005 को इराक में प्रस्तावित नए संविधान पर जनमत-संग्रह हुआ। अमेरिकी रक्षा विभाग की तारीख और स्थान सहित प्रकाशित एक तस्वीर में किरकुक के मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कतार स्पष्ट रूप से दर्ज है। केंद्र पर कड़ी सुरक्षा थी, फिर भी मतदान की प्रक्रिया एक-एक व्यक्ति के क्रम से आगे बढ़ रही थी।

यह जनमत-संग्रह सद्दाम हुसैन के शासन के पतन के बाद नई राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने की प्रक्रिया का हिस्सा था। मसौदे को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में गहरे मतभेद थे, इसलिए एक ही कतार में खड़े सभी लोग जरूरी नहीं कि एक जैसा मत देने वाले हों। फिर भी समर्थक और विरोधी एक ही प्रक्रिया से गुजरे और अपनी-अपनी बारी पर वोट डाला। गहरे राजनीतिक विभाजन के उस दिन कतार ने असहमति को एक साझा नागरिक प्रक्रिया में जगह दी।